ज्ञान चेतना लाइब्रेरी
भारत सरकार
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
Questions ANSWERS
कोको के रोपण के लिए उत्‍तम मौसम क्‍या है कोको के पौधे या उभरे हुए पौधे साल के किसी भी समय लगाए जा सकते हैं, बशर्ते मिट्टी में नमी की स्थिति अनुकूल हो। हालाँकि, रोपण के लिए सबसे अच्छा समय मई-जून में प्री-मानसून वर्षा की शुरुआत है।
कोको के रोपण में अंतराल क्‍या होनी चाहिए नारियल के बगीचों में, कोको के पौधों की प्रभावी दूरी 3m x 7.5 मीटर होगी, जिसमें प्रति हेक्टेयर 614 पौधे लगेंगे। सुपारी के बगीचों में दूरी 5.4m x 2.7m होनी चाहिए और प्रति हेक्टेयर 689 पौधे लगेंगे।
कोको के रोपण के लिए किस प्रकार की जगह की आवश्यकता है? भारत में कोको आमतौर पर नारियल और सुपारी के बागानों में लगाया जाता है जहां वितान एैसा होता है कि रोशनी आसानी से उपलब्ध होगी।
कोको रोपण के लिए संस्‍तुत किस्‍में कौन-कौन सी हैं। केएयू, वेल्लानिकरा एम 16.9(सीसीआरपी1) एम 13.12(सीसीआरपी 2) जीI 5.9 (सीसीआरपी 3) जीII 19.5 (सीसीआरपी 4) जी VI 18.5 (सीसीआरपी5) जी VI 55 (सीसीआरपी 6) जी VI 56 (सीसीआरपी 7) सीपीसीआरआई, विट्टल I -56 I-14 III-105 एनसी 42/94
रोपण के लिए कोको के बीज और पौधे कहाँ उपलब्ध हैं? सीपीसीआरआई, विट्टल और केरल कृषि विश्वविद्यालय, वेल्लानिकरा में पॉलीक्लोनी और बाइक्लोनी बीज उद्यान स्थापित किए गए हैं जहॉं से उत्पादकों को बीज और पौधे की आपूर्ति की जा रही है।
बीजुओं का प्रवर्धन कैसे होता है बीज को बाइक्लोनी या पॉली-क्लोनी बीज उद्यानों से एकत्र किया जा सकता है और दिसंबर-जनवरी के दौरान बोया जा सकता है, ताकि मई-जून तक 4-6 महीने की उम्र के पौधे रोपण के लिए उपलब्ध होंगे।
कोको पौधों का प्रवर्धन कैसे होता है कोको का बीज या कायिक प्रवधन किया जा सकता है।
कोको किस प्रकार की मृदा में पनपेगा कोको विभिन्न प्रकार की मिट्टियों में उगता है, लेकिन गहरी और समृद्ध मिट्टी ही इसकी वृद्धि और उत्पादन के लिए अधिक अनुकूल होती है।
कोको उगाने के लिए आवश्यक जलवायु परिस्थितियाँ क्या हैं? जिन जगहों में तापमान 18 डिग्‍री और 32 डिग्‍री सेंटीग्रेड के बीच होता है वहॉं कोको खूब उगेगा।
काजू एपल का क्‍या उपयोग है काजू एपल एक कूट-फल है. यह मानव स्वास्थ्य के लिए आवश्यक कई पोषक तत्वों से भरपूर है। काजू एपल से जूस, सिरप, जैम और कैंडी जैसे खाद्य उत्‍पाद तैयार किए जा सकते हैं।

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